रामायण की कहानी कलियुग की ज़ुबानी

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आज अगर रावण होता तो सबसे बड़ा टैक्स पेयर होता। भाई उसके पास सोने की लंका थी, वो सबकी लंका लगा देता। रावण को उसका घमण्ड नहीं जीएसटी बर्बाद कर देता और बाकी बची कसर नोटबन्दी निकाल देती। रावण को जब तक समझ आता तब तक मोदी जी विदेश निकल लेते।
कुम्भकर्ण को आप सब हर हाजमे के ऐड में देखते, बंदे का हाजमा इतना जबरदस्त था। गद्दों के ऐड भी खूब आते क्योंकि कुंभकर्ण से ज्यादा चैन से कौन सो पाता। कुम्भकर्ण छाप गद्दे मार्केट में खूब बिकते।
विभीषण को राम बस एक ही काम देते कि रावण की सेना के हर बंदे के फ़ोन में ब्लू व्हेल गेम इंस्टाल करो। इससे उनका खुद नाश हो जाएगा और बुराई को बुराई ही मार देगी ।
भरत बार-बार राम से मिलने का प्रयास करते लेकिन गूगल मैप उन्हें हर बार घुमा कर उनकी जगह वापस ले आता ।
सीता हरण होता ही नहीं क्योंकि सल्लू भाई आज तक हिरण के चक्कर में परेशान है तो राम जी ये रिस्क लेने से बचते। जब वो जाते ही नहीं तो हरण होता ही नहीं।
अहिरावण को एमसीडी वाले निकाल देते बोलते ये कोई पाताल लोक नहीं सीवर लाइन है और तुमने इसे जाम कर दिया है। एनजीटी कोर्ट अहिरावण पर जबरदस्त जुर्माना ठोकती और वो किसी से लड़ने के काबिल नहीं बचता ।
राम को वचन से ज्यादा इम्पोर्टेन्ट आधार कार्ड लगता क्योंकि बिना आधार कार्ड आज आप बिना तीर के धनुष है। सीता माता हनुमान की पहचान अंगूठी से नहीं आधार कार्ड से करतीं और हनुमान वहीं अशोक वाटिका से राम को वीडियो काल करते ।
हनुमान संजीवनी बूटी की जगह अम्बुजा सीमेंट लाते क्योंकि सीमेंट में जान है। हनुमान को टक्कर देने के लिए एयरलाइन्स अपने किराये खूब घटा देती ।
अंगद आज पैर की जगह समाज की बुराई रखता जो इसको उखाड़ देगा तो मैं हार मान लूंगा, उस समय कोई उनका पैर नहीं हिला पाया था और इस समय बुराई का कुछ उखाड़ना मुश्किल है।
राम, रावण पर जीत के बाद एक एफबी लाइव करते और सभी को जानकारी देते कि लंका हमने जीत लिया है। उस लाइव में सीता लक्ष्मण, हनुमान प्लस 33 Others टैग होते, विथ फिलिंग ऑफ विनिंग।

About Post Author

अभय

अभय पॉलिटिकल साइंस के स्टूडेंट रहे हैं। वर्तमान में पॉलिटिकल लव से उनकी पहचान बन रही है। राजनीतिक और सामाजिक विषयों को ह्यूमर और इश्क के साथ पेश करना अभय की कला है।
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