हिन्द स्वराज को गाँधी के विचारों का ब्लू प्रिंट माना जाता है |अगर आप गाँधी के विचारों और सिद्धांतों से परिचित होना चाहते है तो […]
Category: साहित्य
विरोध करने की आजादी
सच कहने की आजादी से महरूम हैं हम विरोध करने की आजादी में मशरूफ हैं हम इंसान की कौम का कुछ भी पता नहीं धर्मों […]
एक रात की जेल
ग्वालियर से चलकर बनारस की ओर जाने वाली बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस गाड़ी स्ंख्या 11107, अपना पिछला स्टेशन छोड़ चुकी है और कुछ ही क्षणों में अपने […]
आज भी भटक रहा है गुनाहों का देवता
गुनाहों का देवता जितनी बार पढ़ता हूं हर बार कुछ नया पाता हूं। चन्दर इस बार पहले से ज्यादा भ्रमित लगा, सुधा पहले से और […]
मैं पूजा नहीं कर रही थी, एक बच्चे को प्यार कर रही थी- इस्मत चुग़ताई
ज़ंजीर कोई भी हो, अगर टूटेगी तो आवाज़ होगी. साहित्य और अदब में भी जब कभी कोई ज़ंजीर टूटती है, आवाज़ होती है. आवाज़ धीरे-धीरे […]
निर्मला (हर युग की फेमिनिस्ट नावेल )
चेतन भगत की ‘वन इंडियन गर्ल’ पढ़ने वाले सो कॉल्ड ‘फेमिनिस्ट’ पाठक और फेमिनिज्म के नाम पर वैक्स करवाकर औरतों का दुःख समझने वाले लेखकों […]
कविता का सबसे संक्षिप्त रूप-विन्यास है हाइकू
कविताओं के लिए ‘गागर में सागर’ की कहावत तो बहुत पुरानी है। बात चाहे कबीर के दो लाइन और चार चरण वाले दोहों की हो या फिर […]
भारतेंदु हरिश्चंद्रः आधुनिक हिंदी के पितामह
परिवर्तन गुजरते समय के अगले पदचिह्न के पर्याय भी होते हैं और एक लंबी यात्रा का एक पड़ाव भी। पड़ाव वह जहां से यात्रा नए […]
हाथ गर्दनें मरोड़ने के लिए भी होते हैं: पाश
अवतार सिंह संधू ‘पाश’, जन्मजात विद्रोही। विद्रोह जिनका स्वभाव था, जो उनकी लेखनी में हर जगह दिखा। विद्रोही तेवर और बदलाव की छटपटाहट ने उन्हें […]
मेरे देश में दूल्हा बिकता है
काका इलाक़े के बड़े ज़मींदारों में से एक है। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़ा बेटा इंजीनियर है, किसी मल्टीनेशनल कंपनी में काम […]