”ना सुबह से एक आलू बिका है और ना बिका एक कांदा” ये एक फिल्मी डायलॉग है लेकिन यही आज के किसानों की हकीकत भी […]
Category: नेशनल
अबकी बार बलात्कारियों को नहीं माफ करेगी राज्य सरकार
बलात्कार पर जब भी कोई कठोर कानून बनाने की मांग होती है, तब बुद्धिजीवियों में से ही तमाम लोग सामने आकर विरोध करने लगते हैं. […]
मूर्तियां तोड़ने/बनाने से विचारधारा खत्म/स्थापित हो जाती है?
त्रिपुरा में लेफ्ट और राइट की लड़ाई के कुछ प्रत्याशित परिणाम नजर आने लगे हैं। पहले बीजेपी नेता हेमंत बिस्व शर्मा ने त्रिपुरा के पूर्व […]
वोट देने से कुछ होता तो 2 सीट वाली पार्टी सत्ता में न आती
वह लोकतंत्र कभी मज़बूत नहीं कहला सकता जिसमें विरोधी देशद्रोही तक गिने जाने लगें और बहुमत पक्ष जो मर्ज़ी कर के भी 31% वोट या केवल 2 सीटों के साथ सरकार भी बनाये और देशभक्त भी कहलाए।
लड़कियों पर वीर्य फेंक होली को बदनाम मत करो
वीर्य से भरा गुब्बारा फोड़कर कहना कि बुरा न मानो होली है, कहाँ तक सही है? सुनने में बेहद सा अजीब है कि वीर्य से […]
SSC Protest: क्या परीक्षा के नाम पर हो रही है धांधली..!
सरकारों से सवाल पूछने पर छात्रों को हतोत्साहित किए जाने की परंपरा कितनी पुरानी है यह अलग विषय है पर अगर इसे शोध का विषय […]
क्लिकबेट वाला मीडिया और मौत में दफन होते मुद्दे
एक गाना याद आ रहा है ‘भूल गया मैं सब कुछ, अब याद नहीं है अब कुछ’ यही हाल मीडिया का है। अब मीडिया भूल […]
क्या अराजकता को बीजेपी से जोड़ना ट्रेंड बन गया है?
लगता है बीएचयू और शांति दो विपरीत ध्रुव हो गए हैं,जो अब कभी एक साथ नहीं हो सकते है। बीएचयू एक बार फ़िर विवादों में […]
घर लौटना चाहता है 1857 की क्रांति का एक सिपाही
लंदन के एक पब लॉर्ड क्लायड के मालिकों ने साउथ ईस्ट एशिया के इतिहास पर काम करने वाले इतिहासकार किम वैगनर से संपर्क किया है। […]
पॉलिटिकल लव: प्यार के बजट की समीक्षा
इस बार कहाँ जा रहे हो
कासगंज जाने की सोच रहा हूँ
क्यों तुमको भी अपनी रोटियां सेंकनी है वहाँ !
अरे बाबा बस वहाँ दुबारा प्यार भरना है