Category: विशेष
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एमपी चुनाव: धूल झाड़कर उठ खड़ी हो पाएगी कांग्रेस?
Madhya Pradesh Elections: पूरे चुनावी रण में मतदाताओं की खामोशी ने राजनेताओं के दिलो दिमाग में तड़प पैदा कर दी थी. बीजेपी और कांग्रेस के बड़े नेताओं तक को यह नहीं पता चल पाया कि वो जिस भाग्य विधाता से रोज मिलने जा रहे हैं वो मतदान किसको करेगा.
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जन्मदिन: आदिवासियों के ‘धरती आबा’ उर्फ बिरसा मुंडा
“महारानी राज तुंदु जाना ओरो अबुआ राज एते जाना” यानी कि ‘(ब्रिटिश)महारानी का राज खत्म हो और हमारा राज स्थापित हो’। ये बोल यूं तो बिरसा मुंडा के हैं लेकिन उस वक्त इसे लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ अपना ‘अहल-ए–तदबीर’ का नारा बनाया था। यदि एक कोई नाम, जिसे भारत के सभी आदिवासी समुदायों…
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दंगों के बीच जूझती एक प्रेम कथा, सत्य व्यास की ‘चौरासी’
किताब में चार किरदार हैं. मुख्य किरदार का नाम ऋषि है. ऋषि भी दंगों से ही सम्बंधित है. ऋषि जिस लड़की से प्रेम करता है, उस लड़की और उसके परिवार को बचाने में वह लड़का खुद किस कदर दंगाई हो जाता है, इस किताब में वही दर्शाया गया है
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बर्थडे स्पेशल: फुटबाल को शिखर पर लाने को बेताब सुनील छेत्री
‘हमें गालियां दो, आलोचना करो लेकिन भारतीय फुटबॉल टीम को खेल देखने स्टेडियम में आओ’
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आसमान वालों को गीत सुनाने चले गए महाकवि गोपाल दास नीरज
नीरज साहब की मानें तो “न जन्म कुछ, न मृत्यु कुछ, बस इतनी सी बात है, किसी की आंख खुल गई, किसी को नींद आ गई।” लेकिन यह इतना भी सामान्य नहीं है। यह हृदयविदारक है कि आज नीरज को नींद आ गई। तकरीबन एक सदी के अंतिम छोर तक की यात्रा तय कर चुके…
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आदिवासियों को देशविरोधी बताना उनके आत्मसम्मान पर चोट है
हमारे देश की जनसंख्या में लगभग आठ फीसदी से भी अधिक हिस्सा अनुसूचित जनजातियों का है। लगभग दस करोड़ की आबादी वाला यह समाज आज़ादी के इतने दशकों बाद भी अपने अधिकारो को लेकर संघर्षरत है। उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ भारतीयता की भी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। ये हाल तब हैं जब संविधान…
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बर्थडे स्पेशल: गांगुली पहले भी दादा थे, आज भी दादा हैं!
गांगुली इस समय क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल के अध्यक्ष हैं, हर कोई उनकी प्रशासनिक क्षमता की तारीफ कर रहा है, और बहुत संभावना है कि आने वाले सालों में वे BCCI में भी अपना प्रशासनिक कौशल दिखाएंगे
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क्या माउंट एवरेस्ट चढ़नेवालों को जिम्मेदारियों का एहसास है?
आए दिन आप अखबारों, वेबसाइट्स और कभी-कभी टीवी पर भी देखते होंगे कि फलां व्यक्ति माउंट एवरेस्ट पर चढ़ा। कुछ लोगों द्वारा माउंट एवरेस्ट चढ़ना केवल दिखावा होता जा रहा है क्योंकि वे इस चढ़ाई के दौरान अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को भूल जाते हैं। पहले चढ़ाई करने वाले अपना ज्यादातर सामान खुद ले जाते थे…
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बिस्मिल: वह क्रांतिकारी जिसने भारतीयों में सरफरोशी की तमन्ना जगाई
न चाहूँ मान दुनिया में, न चाहूँ स्वर्ग को जाना मुझे वर दे यही माता रहूँ भारत पे दीवाना जब-जब भारत के स्वाधीनता इतिहास में महान क्रांतिकारियों की बात होगी तब-तब भारत मां के इस वीर सपूत का जिक्र होगा। वो सिर्फ एक महान क्रन्तिकारी ही नहीं थे बल्कि उच्च कोटि के कवि, शायर, अनुवादक,…
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बदनाम ही सही लेकिन गुमनाम नहीं हूं मैं: मंटो
विभाजन और विभाजन से होने वाले दंगे का मंटो पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा था. इस त्रासदी को मंटो के लिए सह पाना बहुत कठिन था. इसी कारण दंगो के दुष्प्रभाव का जितना मार्मिक चित्रण मंटो की कहानियों में मिलता है, उसे कहीं और ढूंढ पाना बहुत कठिन है