Category: विशेष
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हरित क्रांति के नाम पर यूं कंपनियों के गुलाम बन गए किसान
देश में हर महीने 70 से ज्यादा किसान आत्महत्या कर रहे हैं और ज्यादातर में आत्महत्या की वजह किसान पर बढ़ता कर्ज होता है। किसान कर्जमाफी की मांग को लेकर 180 किलोमीटर पैदल यात्रा भी करते हैं लेकिन कभी यह सवाल सामने नहीं आता है कि कर्ज की वजहें क्या हैं? और कब से ये…
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क्या सच में कम हुआ है बाल विवाह का चलन?
जिस उम्र में लोगों को यह न पता हो कि उनके साथ क्या हो रहा है उसी उम्र में उन्हें अगर सात फेरे लेने पड़ें तो उन पर क्या बीतेगी. लड़कपन में खुद को न संभाल पाने वाले लोग जब परिवार संभालते हैं तो लगता है कि उनके साथ समाज ने परंपरा के नाम पर…
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जाते-जाते हंसने का पैगाम देकर चली गईं श्रीदेवी
किसी शायर ने ठीक ही कहा है- ज़िंदगी क्या है फ़कत मौत का टलते रहना. वक़्त कई बार इसका एहसास भी करा देता है. सांसे कब, किसकी कितनी देर टिकी रहेंगी इसका अंदाजा न सांस लेने वाले को होता है न ही साथ रहने वाले को. कुदरत है, कुछ रहस्यों पर उसका एकाधिकार है…
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राजीव गांधी ने जो श्रीलंका में किया मोदी वही मालदीव में करेंगे?
मालदीव में सत्ता और न्यायालय के टकराव के बाद स्थिति गंभीर है। मालदीव का विपक्ष और कोर्ट भारत से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है। द टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से खबर छापी है कि भारत की सेना को आदेश दिए गए हैं कि वह मालदीव रवाना होने के लिए तैयार रहे।…
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घर लौटना चाहता है 1857 की क्रांति का एक सिपाही
लंदन के एक पब लॉर्ड क्लायड के मालिकों ने साउथ ईस्ट एशिया के इतिहास पर काम करने वाले इतिहासकार किम वैगनर से संपर्क किया है। दरअसल, इस पब में भारत के एक सिपाही आलम बेग की खोपड़ी रखी हुई है। अब पब मालिक किम से यह चाहते हैं कि वह आलम बेग के वंशजों से…
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वे मुद्दे जिनपर सवाल पूछते ही आप ‘देशद्रोही’ हो सकते हैं
समस्त देशवासियों को मेरा नमस्कार, आज हमने गत वर्षो की भांति गणतंत्र दिवस मनाया। कोई बदलाव नहीं हुआ, कुछ नया नहीं हुआ, विगत वर्षों में मनाए गए गणतंत्र दिवस में और आज 69वें गणतंत्र दिवस पर, कुछ बदलता भी है तो वह है गिनती, 68वां मनाया था, 69वां मना रहे हैं और 70वां मनाएंगे, सुबह…
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गांव आज भी धर्म नहीं समझ पाते तभी जुम्मन यादव होते हैं और रघुवीर खान
मेरे गांव में जुम्मन यादव होते हैं रघुवीर खान क्योंकि मेरा गांव हिन्दू मुसलमान नहीं जानता
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राहुल द्रविड़: वह खिलाड़ी जिसने किताबों में भी क्रिकेट ही पढ़ा
लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की एक भरोसेमंद बल्लेबाज़ के तौर पर सेवा करने वाले राहुल द्रविड़ को जून, 2015 में एक बेहद महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी सौंपी गई। बीसीसीआई ने अंडर 19 और भारत ए के कोच पद पर उनकी नियुक्ति की। एक कोच के लिए धैर्यशील होना, दबाव से पार पाने में सक्षम होना और…
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न्यूटन vs ब्रह्मगुप्त: सारे विवाद की जड़ तो ‘अवैज्ञानिक समझ’ है
आरोपों-प्रत्यारोपों का संग्राम फ़िर से चरम पर है। बीजेपी के शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी का “विवादित” बयान है कि “ग्रेविटी” की ख़ोज न्यूटन से सैकड़ों वर्ष पहले “ब्रह्मगुप्त” ने की थी। तो क्या इसमें कुछ विवादित अंश है? वस्तुतः विवादित से कहीं ज़्यादा “अवैज्ञानिक समझ” का प्रदर्शन है। . “सेब गिरता है” यह एक फैक्ट…
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बॉडीलाइन बॉल: गेंद जिसने दो देशों के संबंधों की लंका लगा दी
साल 1930 के इंग्लैंड दौरे पर गयी ऑस्ट्रेलियाई टीम के धाकड़ बल्लेबाज सर डोनाल्ड ब्रैडमैन ने अपनी धारदार बल्लेबाजी से इंग्लिश गेंदबाजों की हालत खस्ता कर दी थी। सरजी ने 5 टेस्ट मैचों में 139.14 के औसत से शानदार 974 रन बनाये थे, जो रिकॉर्ड 87 सालों बाद आज भी बरक़रार है, कोई भी दूसरा…