रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड, जिससे रवीश कुमार सम्मानित हुए हैं

पत्रकारिता में विशेष योगदान के लिए एनडीटीवी के रवीश कुमार को रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा। 31 अगस्त को रैमन मैग्ससे की जयंती […]

शुरू हो गई टेस्ट चैम्पियनशिप, दो साल बाद ऐसे तय होगा विश्व चैम्पियन

टेस्ट क्रिकेट को हमेशा से ही पारम्परिक क्रिकेट का प्रारूप माना जाता है. कहा जा रहा है कि विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के दौरान टेस्ट क्रिकेट को एक नया आयाम मिलेगा और इसमें लोगों को फिर से रूचि देखने को मिलेगी.

कुलदीप सिंह सेंगर को बीजेपी ने आखिर कब निलंबित कर दिया?

उन्नाव गैंगरेप मामले को सामने आए लगभग दो साल होने को हैं। रेप मामले में सीबीआई जांच चल रही है, आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर के […]

…तो इस बार बिना लड़े ही हार गईं शीला दीक्षित?

जनरल नॉलेज की किताबों में दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में सबसे पहला नाम शीला दीक्षित का ही पढ़ा था। पहली बार दिल्ली पहुंचने के […]

कुलभूषण जाधव केस: इंटरनैशनल कोर्ट में भारत जीता या पाकिस्तान हारा?

ग्लोबल कोर्ट ने भारत की ओर से मांगी गई राहत को भी देने से इनकार कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि कुलभूषण को मिलिट्री कोर्ट से सुनी गई फांसी की सजा को रद्द कर दिया जाए और कुलभूषण को उनके वतन वापस भेज दिया जाए.

‘बीजेपी एक देश-एक चुनाव नहीं, एक राष्ट्र-एक पार्टी चाहती है’

भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) एक देश-एक चुनाव की पक्षधर नहीं, एक पार्टी-एक देश की पक्षधर है. यह बात हम नहीं, गोवा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गिरीश […]

‘हर घर पानी, सबको मकान’ बड़े धोखे हैं इस राह में…

जब से समाज समझने की समझ पैदा हुई, यही सुनते आए हम कि भारत की आत्मा गांव में बसती है. सबको पता है, लेकिन उस आत्मा का ख्याल क्यों कोई नहीं रखता. रखना चाहिए न?
नहीं रखेंगे, तो भारत का तो मरना तय है. शर्तिया.

नुसरत जहां धर्म के ठेकेदारों को हर रोज करारा जवाब दे रही हैं

माथे पर सिंदूर, हाथों में चूड़ियां और शरीर पर साड़ी- ऐसी वेशभूषा में सामान्यत: हिंदू औरतें देखी जाती हैं लेकिन कोई मुस्लिम औरत जो सांसद […]

मुंबई को हर साल आने वाली बारिश की बाढ़ से कैसे बचाएंगे?

मुंबई शहर देश की आर्थिक राजधानी कहा जाता है। हर सुख-सुविधाओं वाले इस शहर को मायानगरी भी कहा जाता है। मुंबई के बारे में कहा […]

राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर मजबूत हो गए हैं

राहुल गांधी इस्तीफा देकर कांग्रेस के लिए ज्यादा बेहतर काम कर सकते हैं. यह बात जगजाहिर है कि वे चाहे कांग्रेस के अध्यक्ष रहें या न रहें, कांग्रेस का हर महत्वपूर्ण फैसला उनकी नजरों से होकर ही गुजरेगा. उनकी मर्जी के खिलाफ पार्टी में कुछ नहीं होगा.