भारत में नेता इतने सक्षम होते हैं, कि न्यायपालिका को ध्वस्त कर देना चाहिए. इतना जनसमर्थन है, तो सारा अधिकार इन्हें ही दे दो. ये ही पीटें, ये ही ठोकें.
राम चाहते हैं कि 21वीं सदी में उनके ‘भक्त’ उन्हेंं भूल ही जाएं!
राम लाचार हैं, ठीक उसी तरह जिस तरह से भारतीय संविधान. कुछ नहीं कर सकते. लेकिन उनकी अवधारणा ऐसी आदर्श स्थिति की है, जिसके लिए हिंदुस्तान में कोई जगह नहीं है.
खाली होते ही सुरेंद्र सिंह के पास पहुंच जाते हैं एजेंसी के पत्रकार?
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक विधायक हैं। नाम है सुरेंद्र सिंह। बलिया की बैरिया विधानसभा सीट से विधायक हैं। इनकी अब तक की सिर्फ […]
एक्सक्लूसिव इंटरव्यू: खुदाई स्पेशलिस्ट और मोस्ट चर्चेबल JCB जी
सारी दुनिया एक तरफ और इनकी खुदाई एक तरफ। ये कोई आम आदमी नहीं है जी, ये इतनी खास हैं कि इनके आते ही पूरा […]
राहुल गांधी के अध्यक्ष बने रहने में कांग्रेस के ‘ओल्ड गार्ड’ का क्या फायदा है?
लोकसभा चुनाव में असफलता के बाद ऐसा कहा जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अपना पद छोड़ना चाहते हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और […]
आखिर कब तक ‘राजनीतिक हत्याओं’ का शिकार बनेंगे कार्यकर्ता?
चुनाव खत्म होते ही एक और ‘राजनीतिक’ हत्या ने देश की मीडिया को जरा सा जगा दिया है। अपना कर्तव्य निभाते हुए अमेठी की सांसद […]
तो 10 साल तक मोदी को हिला भी नहीं पाएगा मौजूदा विपक्ष
इस चुनाव परिणाम का दुख तो मुझे भी है पर यह भ्रम कतई नहीं है कि ये अच्छाई पर बुराई की जीत है। ये बुराई […]
पॉलिटिकल लव: चुनाव में जो ‘हुआ सो हुआ’, अब प्यार करो
क्या बात है कहाँ गायब हो आजकल? कहीं नहीं बस चुनाव में लगा हुआ था। अच्छा चुनाव के चक्कर में महबूबा को भूल गए? अरे […]
नेता बनने के 150 फायदे, जानिए क्यों बनना है ज़रूरी?
बचपन में कभी पढ़ाई के वक्त हिंदी व्याकरण के तहत हमें परीक्षा में भरने को आता था वाक्यांश के लिए एक शब्द. उस वाले सेक्शन […]
लोकसभा चुनाव: लगातार गायब होते मुद्दे और बयानों का गिरता स्तर
लोकसभा चुनाव के दो चरण की वोटिंग अभी बाकी है लेकिन नेताओं के बयान सुन-सुनकर मन पाका (फोड़ा) हो गया है। वही, एक-दूसरे पर निजी […]