मैं पूजा नहीं कर रही थी, एक बच्चे को प्यार कर रही थी- इस्मत चुग़ताई

ज़ंजीर कोई भी हो, अगर टूटेगी तो आवाज़ होगी. साहित्य और अदब में भी जब कभी कोई ज़ंजीर टूटती है, आवाज़ होती है. आवाज़ धीरे-धीरे […]

महिलाओं का खतना: छोटे से कट से बड़ा दर्द, क्या इसका भी कोई जवाब है?

खतना वो सच है जो आपके रौंगटे खड़े कर देगा। जैसे ही कोई बच्ची 7 साल की हो जाती है, उसकी मां या दादी मां […]

बोलने दो ना!

बोलने दो न , बोलने से कुछ हुआ है क्या देश में ? क्यों डरते हो किसी के बोल देने से ? क्या हो जायेगा […]