पॉलिटिकल लव: तुम अब शरीफ नहीं रहे

तुम न! अब शरीफ नहीं रहे.

हमने कौन सा पनामा में कुछ जमा कर दिया जो हम शरीफ नहीं रहे?

तुम तो रहने दो नवाज़ ने  इस्तीफा तो दे दिया. तुम तो वो भी नहीं करोगे.

अरे हमने प्यार किया है कोई घोटाला थोड़ी न किया है.

 

देखो कोई बात हो तो क्लियर कर लेते हैं.

अरे बाबा क्या हुआऐसा क्यों सोच रही हो?

कुछ नहीं जबसे नीतीश इस्तीफा दिए हैं , डर लग रहा है तुम कहीं और चले गए तो?

अरे उन्हें कुर्सी से प्यार था इसलिए चले गए, मैं तो तुमसे प्यार करता हूँ न?

हां! ये बात भी  सही है इस्तीफा देकर जाओगे कहाँ? मैं किसी को बीजेपी बनने भी नहीं दूंगी.

अरे बाबा मैं भी नीतीश नहीं बनूंगा चिंता मत करो.

 

तुम आज कल बहुत कम प्यार दिखा रहे हो.

 तुम भी हरदम “कैग” की तरह सवाल ही उठती रहती हो.

अरे! तो जवाब दोमैं कोई कैग नहीं जो सवाल उठा कर चुप हो जाऊं

 बाबा मैं भी कोई सरकार थोड़ी न हूं जो जवाब न दूं.

 

तुम्हे न अब मैं  किस नहीं करूंगी.

क्यों ये क्या बात हुई ?

तुम भी तो किस लेकर भाग जाते हो, जैसे लोग रेलवे की कम्बल लेकर चले जाते हैं.

अच्छा तो रेलवे अब कम्बल देना बंद किया और तुमने  किस. बस-बस ज्यादा भारतीय रेल न बनो.

अच्छा जी! लो नहीं बनते लव यू.

 

अब तुम  एक बात सुन लो.

हां! बोलो मेरी जान एक क्यों, दो बात बोलो.

अगर अब तुम बिना चॉकलेट के आये तो तुम्हारी एंट्री बंद.

अरे! तुम तो दिल्ली मेट्रो हो गई हो, वो हेड फ़ोन लगाने पर एंट्री नहीं दे रहा और तुम बिना चॉकलेट  के.

वहां तो बच जाओगे पर यहां सजा काटनी पड़ेगी.

 

हर बात पर बोलते हो ट्वीट करो, रेल मंत्री हो गए हो?

बाबा मैं तो तुम्हारी सुविधा  के लिए बोल रहा था.

अब मुझे सेनेटरी जब नैपकिन मंगवाना होगा तब  ट्वीट करूंगी तुम्हें.

ठीक है, मैं समझ गया हर बात के लिए ट्वीट नहीं चलेगा.

तुम तो समझ गए ‘प्रभु’ समझे की नहीं समझे? हाहाहा.

 

आजकल तुम बड़ा हंगामा करने लगी हो.

क्यों न करूं? तुम मेरी बातों  को सुनते ही नहीं हो.

अगर नहीं सुनोगे तो शिक्षा मित्रों की तरह हंगामा करूंगी.

अरे! बाबा मैं कोई बहरी सरकार नहीं, तुम्हारा प्यार हूं. लो मैंने सुन लिया और सब मान लिया.

 

अच्छा!  अब मैं जा रहा हूं बाद में बात करता हूं.

अरे! कहां जा रहे हो सुनो तो सही.

अरे बाबा लोकल डिब्बा पकड़नी है. छूट गई तो पॉलिटिकल लव नहीं कर पाएंगे.

अच्छा जाओलव यू!

अभय

अभय पॉलिटिकल साइंस के स्टूडेंट रहे हैं। वर्तमान में पॉलिटिकल लव से उनकी पहचान बन रही है। राजनीतिक और सामाजिक विषयों को ह्यूमर और इश्क के साथ पेश करना अभय की कला है।

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