पॉलिटिकल लव: प्यार की रक्षा के लिए यज्ञ करोगे ?

तुम प्यार की रक्षा के लिए क्या करोगे?
मैं भी लाल किले पर यज्ञ करूँगा।
अरे! उससे क्या? बस एयर पॉल्यूशन ही बढ़ेगा,
अरे! ऐसा मत बोलो यज्ञ से राष्ट्र की रक्षा भी होती है,
अरे! कौन सा साइंस पढ़ रहे हो?
कल नागपुर से एक किताब लाया था उसी को पढ़ रहा हूँ,
तभी ये हरकतें कर रहे हो।

हमारा प्यार सेफ तो है ना?
हां, लेकिन ऐसा क्यों सोच रही हो तुम।
कुछ नहीं आजकल सब जगह से डेटा लीक की खबरें आ रही हैं।
अरे चिंता मत करो मैंने किसी कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिया है।
देना भी मत ये कंपनियां अपने फायदे के लिए हमारी प्राइवेसी बर्बाद कर देंगी।
मैं कभी नहीं दूंगा क्योंकि मुझे प्यार से पैसा नहीं बनाना है।

प्यार में हम कभी किसी चीज़ को तरसेंगे तो नहीं ना?
अरे बाबा हम लापरवाही नहीं करेंगे कभी जो हमें तरसना पड़े।
हम न हरदम डाउन टू अर्थ रहेंगे।
सही कह रही हो डाउन टू अर्थ रहेंगे तभी डे जीरो से बच पाएंगे।

प्यार में भी कितने मौसम आते है ना!
अब तो चीन का मौसम आया गया क्या करोगे,
करना क्या है फिर से प्यार मजबूत करेंगे।
तुम कौन सी सेना तैनात करोगे प्यार को बचाने के लिए?
अरे मैं अपने प्यार को खुद बचा लूंगा चिंता मत करो।

तुमने हमारे लव लेटर कहाँ रखे हुए है?
13 फ़ीट ऊँची और 5 फ़ीट मोटी दीवार के पीछे सेफ हैं सारे लेटर,
अच्छा जी देख इस बार लेटर लीक हुए न तो तुम गए!
तुम हरदम विपक्ष की तरह डराती क्यों रहती हो?
तुम भी तो सरकार की तरह उलटे सीधे फैसले लेते हो।

अगर प्यार बनाना है तो क्या करना होगा?
सबको प्रेमी बनना होगा, तभी प्यार के मंदिर का निर्माण होगा।
हां लेकिन हम किसी से जबरदस्ती नहीं करेंगे।
ठीक है लेकिन छोटी मोटी दिक्कत तो दूर कर ही लेंगे।
अब चलो शुरू करते हैं फिर निर्माण,
निर्माण शुरू करने से पहले एक बार जोर से बोलो ‘जय श्री राम’।

तुम कब अपने गुनाहों की माफी मांग रहे हो?
अरे मैंने कौन सा गुनाह कर दिया जी?
याद करो उस दिन तुमने मुझ पर झूठे आरोप लगाए थे,
अब जब लगाए थे तब लगाए थे।
अच्छा जी रुको तुम ऐसे नहीं मानोगे दिल्ली के हो मानहानि करनी ही पड़ेगी।
अरे बाबा क्यों बात को बढ़ा रही हो, लो कान पकड़ कर माफी मांग लिए,
हां, अब हुए ना असली दिल्ली वाले।

पता है तुम्हारा मौन बहुत अच्छा था।
अच्छा जी, मेरा मौन पहले तो तुम्हें कभी अच्छा नहीं लगा।
अरे बाबा तब मैं थोड़ा भटक गया था ना।
चलो ठीक है उम्मीद करती हूँ फिर न भटको तुम।
मैं पूरी कोशिश करूंगा की उम्मीद न टूटे।
अगर उम्मीद तोड़ी न तो 30 साल पुराने केस खुलवा दूँगी।
लगता है राजनीति सीख ही ली है तुमने!

मेरे घर वालों को मनाना है कुछ आइडिया सोचो।
चलो प्यार के लिए डिनर डिप्लोमेसी करते हैं।
हां सही बोल रहे हो सब को एकजुट करना जरूरी है।
अरे अग्रवाल अंकल को भी बुला लेना डिनर में,
अरे उन्हें क्यों बुला रहे हो वो तो हरदम बुरा भला ही बोलते थे।
अब वो सुधार गए हैं उन्हें भी बुला लेना प्यार को और मजबूती मिलेगी और हम जीत जाएंगे।

तुम मुझसे कभी नहीं जीत सकते।
अरे तुम एक बार उपचुनाव करवाओ तब देखते हैं।
अच्छा जी बस इसी में जीतना, यही है तुम्हारे बस की।
अरे बाकी में तो तुम सब हैक कर देती हो दिल दिमाग सब।
अच्छा जी तुम्हारे दिल और दिमाग में चिप लगी है क्या?
लगी तो है कुछ भी करोगी तुम्हारे ही पक्ष में जाएगा।

तुम फेमस होने के लिए किसका सहारा लोगे?
अरे हम लोकल हैं, हम किसी का सहारा नहीं लेते।
अच्छा तुम तो लोकल डिब्बा पर रहते भी हो।
हां क्योंकि वहाँ मेरी जान पॉलिटिकल लव भी तो है।

अभय

अभय पॉलिटिकल साइंस के स्टूडेंट रहे हैं। वर्तमान में पॉलिटिकल लव से उनकी पहचान बन रही है। राजनीतिक और सामाजिक विषयों को ह्यूमर और इश्क के साथ पेश करना अभय की कला है।

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