पॉलिटिकल लव: प्यार को सुप्रीम कोर्ट की तरह सीरियस लो

तुम इतने गोरे कैसे हो रहे हो?
अरे घर पर रहने का यही फायदा है,
मुझे लगा तुम भी मशरूम खाने लगे हो!
अरे नहीं इतना पैसा नहीं है मेरे पास की 80 हज़ार का मशरूम खाऊं,
अच्छा चलो फेयर हैंडसम लगा लेना,

हमारा प्यार कैसा लगता है तुम्हें?
बिल्कुल विकास की तरह.
देखो, कहीं एकतरफा न हो जाए,
अरे, मैं सरकारों की तरह लापरवाह नहीं हूँ संतुलन बना कर चलता हूँ,

तुम मेरा दिल जीतने के लिए क्या करोगे?
वो सब करूँगा जो नेता चुनाव जीतने के लिए करते हैं,
यानी तुम पड़ोसी देश को भी ले आओगे बीच में?
मैं तो पड़ोसी क्या पूरी दुनिया को ले आऊंगा,

तुम मुझे कब तक ऐसे देखते रहोगे?
अरे दिन के 6 बजे से रात के 10 बजे तक,
क्यों? उसके बाद कंडोम का ऐड देखने वाले हो?
अरे नहीं उसके ऑफिस में नाइट शिफ्ट है,

तुम न बड़े लापरवाह हो गए हो,
अरे बाबा लापरवाह नहीं हूँ बस थोड़ा कामों में उलझ गया था,
ज्यादा ना उलझो तुम नहीं तो तुम्हारे प्यार का लाइसेंस रद्द कर दूंगी!
अच्छा जी! तुम भी दिल्ली की सरकार की तरह फैसले लेने लगी हो,
अरे! दिल्ली की सरकार नहीं हूँ मैं बस तुम्हारी हूँ,

तुम मेरी कोई बात क्यों नहीं सुनते हो!
तुम भी तो हर बात पर एनजीटी की तरह बोल देती हो,
ज्यादा इग्नोर न करो नहीं तो तगड़ा जुर्माना लगा दूँगी,
अरे अब मैं तुम्हें सुप्रीम कोर्ट की तरह सीरियस लूंगा,
आ गए न लाइन पर, अब सब ठीक है।

तुम प्यार में कैसे आगे बढ़ने की सोच रहे हो?
वैसे ही जैसे दिल्ली में ठंड बढ़ रही है,
अच्छा तुम अपने साथ स्मॉग भी लाने वाले हो?
अरे नहीं, प्यार में कोई पल्यूशन थोड़ी न है,

प्यार में हर मुद्दे के लिए कुछ अलग करो,
अच्छा चलो अलग कोर्ट बना देते हैं,
क्यों तुम इसमें प्यार के लंबित मामलों की जांच करोगे क्या?
और तुम्हें सज़ा भी मिलेगी,
अरे मैं कोई दागी नेता थोड़ी न हूँ,
अरे तुम्हें नेता वाली नहीं प्यार वाली सजा मिलेगी,

देखो अब तो विराट-अनुष्का की भी शादी हो गई,
हां वो भी मीडिया से छुप कर,
चलो ना हम भी कर लेते हैं शादी घर वालों से छुप कर,
इतनी भी क्या जल्दी है सलमान भाई की भी शादी होने दो,
तुम न ऐसे ही बहाने बनाते रहना,

अच्छा चलो तुम्हें घुमाकर लाता हूँ,
कहाँ ले चल रहे हो जी?
अरे, लोकल डिब्बा की सैर कराते हैं तुम्हें,
चलो, जल्दी मुझे भी तुम्हारा पॉलिटकल लव देखना है।

अभय

अभय पॉलिटिकल साइंस के स्टूडेंट रहे हैं। वर्तमान में पॉलिटिकल लव से उनकी पहचान बन रही है। राजनीतिक और सामाजिक विषयों को ह्यूमर और इश्क के साथ पेश करना अभय की कला है।

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