Category: नुक्ताचीनी
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सरकारें और पार्टियां हैं खिलाड़ी, फुटबॉल बनकर रह गई है CBI
केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई. इस संस्था का नाम है. मतलब एकदम भौकाल ही है. अकसर बड़े-बड़े मामलों में मांग की जाती है CBI से जांच कराने की. कई बार बड़े-बड़े मामलों में खुलासा भी होता है. लेकिन इसकी आजादी पर हमेशा से सवाल उठते रहते हैं. होना तो यह चाहिए कि बिना किसी लाग-लपेट के…
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सुशांत, हाथरस केस: जांच में देरी से मीडिया को मिलते हैं मौके
पिछले कुछ महीनों में मीडिया रूपी गिद्ध को दो मामले मिले. इन दो मामलों ने मीडिया को टीआरपी रूपी संजीवनी दी. सिर्फ किम जोंग और हॉट तस्वीरों पर चल रहे मीडिया को तापने भर की आग मिल गई. बिहार चुनाव को ध्यान में रखते हुए नेताओं ने भी इस आग में और घी डाला. हालांकि,…
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अपराधों पर पुलिसिया ढिलाई और आरोपियों के पक्ष में खड़े ट्रोल
शायद वह जमाना चला गया, जब दमन की किसी घटना पर जनता सड़क पर उतर आती थी। हाथरस में गैंगरेप/हत्या का मामला भी कुछ ऐसा ही है। इसका कारण यह है कि एक बड़ा वर्ग न जाने किस प्रतिबद्धता के तहत सरकारी दमन के पक्ष में होता है। सबको पता होता है कि गलत हो…
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बंबई में का बा के बाद, अब यूपी में का बा?
यूपी में का बा? युवा परेसान बा बेरोजगारी के भरमार बा घोटाला करत सरकार बा भर्ती के नाम पे निकालत संविदा पे रोजगार बा अरे यूपी में का बा, बंबई में का बा पेपर के बाद युवा का नियुक्ति पत्र के इंतजार बा दवा खा के डिपरेसन कम करत बेरोजगार बा हर भर्ती के कोरट…
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लॉकडाउन में शराब मिलने के बाद पढ़ें बेवड़ों का इंटरव्यू
देश एक मुश्किल दौर से गुजर रहा हैं। हम सब नौकरी से लेकर जान तक गवां रहे हैंं लेकिन एक वर्ग ऐसा भी हैं, जो अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में लगा हुआ हैं। वो अपने लड़खड़ाते हुए कदमों से अर्थव्यवस्था को सीधा खड़ा करने की कोशिश कर रहा हैं। जी हां, अब आप समझ ही…
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कोरोना वायरस ने एक झटके में पुलिस सिस्टम को सुधार दिया है?
कहा जाता है कि आग लगने पर कुआं खोदने का फायदा नहीं होता। फिलहाल भारत में लगी कोरोना की आग में ऐसे कई कुएं खोदे जा रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि कोरोना की इस आग में ये कुएं फिलहाल भले ही थोड़ी मदद कर सकें, लेकिन भविष्य में यही काफी मदद करने वाले हैं।…
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वर्क फ्रॉम होम पर क्या है ‘कोरोना वायरस’ का कहना, पढ़िए
आज बात उनकी जिनको किसी ने देखा नहीं है लेकिन देखने का दावा सब कर रहे हैं। कोई इन्हें अपनी लैब में दिखा रहा तो कोई टीवी पर लाइव दिख रहा। इनके खौफ का आलम ये है कि पूरी दुनिया में उनके नाम के सिवा कुछ नहीं चल रहा है। जो लोग करने के बाद…
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मोदी जी! टॉयलेट, अस्पताल, स्कूल…अर्थव्यवस्था..कुछ न चंगा सी
जहां प्राइमरी स्कूलों में लोग इसलिए लोग टीचर बनना चाहते हैं कि वहां आराम हैं, सरकारी नौकरी इसलिए लोग करना चाहते हैं क्योंकि वहां छंटनी का डर नहीं है…घूस है, पैसे हैं….वहां बेहतर सुविधाओं की उम्मीद भी करना पाप है.
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इंटरव्यू: सबसे चर्चित और सबसे महंगे चालान का
कटने का डर हर जगह होता, कहीं इंसान का प्यार में कटता है तो कहीं दोस्त पार्टी के नाम पर लंबा कट देते हैं। इससे कहीं ज्यादा किसी और के कटने से डर लगता है और वो कट जाए तो समझ लीजिए मंदी ही आ जाएगी। इतनी बात से तो आप समझ गए होंगे, हम…
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कश्मीर में क्या करना चाहती है नरेंद्र मोदी सरकार
2014 में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी सरकार बनने के बाद से ही कश्मीर का मुद्दा इस सरकार के मुख्य एजेंडे में शामिल रहा है. समय-समय पर पीएम मोदी की तरफ से ऐसी बयानबाजियां देखने को भी मिली है
