दिल्ली वालों, पटाखा बिना दिवाली कैसे मनी?

ये तस्वीर दिल्ली के दिवाली के बाद की है। जैसे हर त्यौहार पूरे देश में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है, वैसे ही दिवाली […]

शहीद-ए-आज़म! हम भारतीय, बकवासी हैं।

भगत सिंह। नाम एक वाद अनेक। उन्हें राष्ट्रवादी भी उतना ही सगा मानते हैं जितना कि वामपंथी। पंथ का ज़िक्र इसलिए किया कि बिना इसके […]

महिलाओं का खतना: छोटे से कट से बड़ा दर्द, क्या इसका भी कोई जवाब है?

खतना वो सच है जो आपके रौंगटे खड़े कर देगा। जैसे ही कोई बच्ची 7 साल की हो जाती है, उसकी मां या दादी मां […]

पत्रकार का सुपरलेटिव डिग्री है चाटुकार!!

एक पत्रकार बनने से पहले आपको चाटुकार बनना उतना ही जरूरी है जितना बच्चों को पोलियो की दवा पिलाना। आपको चाटना आना चाहिए, हो सके […]

मासूमों के कत्लों पर आपके मन में सवाल नहीं उठता?

बीते हफ़्ते की दो घटनाएँ, बक्सर के डीएम मुकेश पांडे की आत्महत्या और गोरखपुर में 60 से ज़्यादा बच्चों की मौत. इन घटनाओं ने हमारे […]

डिस्क्लेमर: ढिंचैक पूजा की तरह बदनाम होने हेतु लिखा गया एक लेख

ढिंचैक पूजा की तरह मेरी भी कोशिश है कि मैं वायरल हो जाऊं। मैं भी कुछ ऐसे गाने बनाऊं जैसे ‘तुम तो ठहर परदेशी,साथ क्या […]

H1B की रपट से हिला आईटी कम्पनियों का बजट

जैसे जैसे अमेरीका के नये नवेले राष्ट्रपति अपना चुनावी वादा पूरा करते जा रहें हैं वैसे वैसे दुनिया भर के लोगों का जीना दुश्वार होता […]