Category: नुक्ताचीनी
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पद्मावत विवाद: इस पर गर्व करें या शर्म?
मै फ़िल्म पद्मावत से जुड़ी हर खबर, हर बात पिछले कुछ महीनों से सुन और पढ़ रहा हूँ। कुछ खबरें हमें एक भारतीय नागरिक होने की वजह से निराश कर रही हैं। फ़िल्म पद्मावत ( फ़िल्म पद्मावती का बदला हुआ नाम) के मुद्दे पर बहुत बातें हुई, बहुत आर्टिकल भी लिखे गए लेकिन पद्मावत अब…
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पॉलिटिकल लव: चलो प्यार का बजट बनाते हैं!
प्यार के बजट का क्या सोचा तुमने, सोच लिया है बस प्यार का विकास ही विकास होगा
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तो क्या मोदी से भी बड़े हो गए हैं विराट कोहली..!
मोदी के कैबिनेट के मंत्री जितना मोदी की बात को तवज्जो नही देते, उससे अधिक तवज्जो क्रिकेट बोर्ड अपने कप्तान कोहली को देता है
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अरे भइया! मोदीजी तो बस ले रहे हैं
क्या भइया, इतने बड़े सेठ हो फुटकर नहीं है? दिनभर नोट ही छाप रहे हो और पांच सौ का खुल्ला नहीं है। क्यों मज़े ले रहे हो साहब! आजकल सब हमारी ले ही रहे हैं, आप काहें छोड़ोगे? मैंने ऐसा क्या कह दिया साहब? कुछ नहीं भाई, आप व्यंग्य मार रहे हो, मोदी जी मुनाफा…
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उस ‘शून्य’ की कहानी, जिसे ‘डक’ कहा जाता है!
बिना एक भी गेंद खेले शून्य पे आउट होने वाले बल्लेबाज़ के लिए डायमंड डक का उपयोग किया जाता है
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पॉलिटिकल लव: प्यार का डेटा 500 रुपये में लीक ना कर देना
तुम बहुत चिलाती हो। तो क्या करू तुम्हारी हरकते ही ऐसी है। लगता है तुम्हारे स्पीकर पर भी बैन लगना पड़ेगा अरे जाओ मैं यूपी थोड़ी न हूं। मुझे न अपने घर की दीवारों पर रंग करवाना है। अरे, तुम तुरंत यूपी वाले बाबा से संपर्क करो। क्यों क्या खास है उनके पास? अरे, उनसे…
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जातीय लड़ाई में उलझता जा रहा है भारत का युवा
पुणे के भीमा-कोरेगांव से शुरू हुई जातीय हिंसा का असर महाराष्ट्र सहित पूरे देश में दिखने लगा है। सोमवार को हुई हिंसक घटनाओं ने इस देश में सभी को चिंतित होने पर मजबूर किया है। इस जातीय संघर्ष का मुख्य कारण 200 साल पुराना इतिहास है, जिसपर दो जातीय समुदाय अपनी-अपनी गरिमा के लिये हिंसा…
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सपनों के ‘सी-प्लेन’ पर उड़ता एक आम नागरिक
आज पापा का मेरे ‘स्वदेशी’ वाले नम्बर पर कॉल आया। बोल रहे थे कि देश में इतना सौहार्द और भाईचारा वाला माहौल बना हुआ है इसलिए घर पर आओ कुछ दिन अपने भाइयों के साथ भाईचारे और हमारे साथ सौहार्द से रह लेना। मैं पूछा कैसे आऊं? तो पापा ने इतना ही कहा था कि…
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प्रजातंत्र एक अबूझ पहली है जिसका आधार भ्रम है
प्रजातंत्र के रक्षकों के लिए संविधान सिर्फ एक ढाल बनकर रह गया है जो समय-समय पर इन्हें सत्य पर असत्य की जीत दिलाता है। ये लोग भाषा की संयमता पर भी सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाते हुए एक-दूसरे पर आक्षेप लगाते है।
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नरेन्द्र मोदी आज भी केजरीवाल से असुरक्षित महसूस करते हैं?
आज दिल्ली मेट्रो की एक और लाइन शुरू हो रही है। पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ मेट्रो “एक धक्का और दो” करने नोएडा पहुँच रहे हैं। अपने मफलरमैन भाई इदर पड़ोसी ‘राज्य’ के सीएम कहे जाते हैं। नोएडा में इस लाइन के कुछ ही स्टेशन पड़ते हैं लेकिन इसका उद्घाटन दिल्ली की…
