किसका है डर, जो गौतम नवलखा केस छोड़ रहे हैं ‘मी लॉर्ड’?

सामाजिक कार्यकर्ता और नक्सलियों से संपर्क रखने के आरोपी गौतम नवलखा की याचिका ने सुप्रीम कोर्ट के छक्के छुड़ा दिए हैं। न्याय व्यवस्था को ‘सुचारु’ […]

युद्ध अपरिहार्य न हो तो गांधी वक़्त की ज़रूरत हैं

भारत में किसी की भी सरकार आए……गांधी को पूजना उसकी मजबूरी है, लेकिन उनके सिद्धातों को अपनाना नहीं. कोई अपना भी नहीं सकता. गांधी आदर्श स्थिति हैं.

भारत के लिए शांति, पाकिस्तान के लिए परमाणु बम है प्राथमिकता

अगर हम गौर करें तो पाकिस्तान के साथ भारत का रुख बंटवारे के बाद से एक जैसा रहा है. जब कांग्रेस की सरकार रही तब भी, जब गैर कांग्रेसियों की रही तब भी. मनमोहन सिंह भी पाकिस्तान के लिए उतने ही बुरे थे, जितने नरेंद्र मोदी हैं.

सिर पर हैं चुनाव, फ्लाइट मोड में क्यों है कांग्रेस हाई कमान?

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की इन चुनावों में क्या भूमिका होने वाली है, किसी को कानों-कान खबर नहीं है। प्रियंका गांधी का पूरा ध्यान यूपी पर है सोनिया गांधी का पी चिदंबरम पर।

रामधारी सिंह दिनकर युद्ध की संभावना पर क्या कहते?

दिनकर व्यक्ति नहीं रहे। दिनकर एक चेतना हैं। एक राष्ट्र की चेतना। केवल भारत की नहीं, किसी भी स्वाभिमानी राष्ट्र की चेतना। वह वीर रस के कवि माने गए लेकिन उनकी सर्वश्रेष्ठ कृति उसे मानी गई जिसमें उन्होंने प्रेम लिखा।

मनमोहन सिंह की बात मान मोदी सरकार ने घटाया कॉर्पोरेट टैक्स?

20 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शेयर मार्केट ऐसा उछला कि इतिहास बन गया। दरअसल, […]

मोदी-ममता मिलते रहेंगे, आप अपने रिश्ते बचा लीजिए प्लीज!

21वीं सदी में हर व्यक्ति राजनीतिक हो गया है। जो नहीं भी है, उसे वॉट्सऐप बना दे रहा है। चाचा, मामा, फूफा इत्यादि लोगों को […]

महाराष्ट्र: अमित शाह को ‘सहयोगी’ आदित्य ठाकरे ही मात दे देंगे?

शिवसेना के बनने के वक्त से ही बाल ठाकरे ने खुद को सत्ता को चलाने वालों का मालिक बनाए रखा। पीढ़ी बदली, रवैया बदला और […]

इंटरव्यू: सबसे चर्चित और सबसे महंगे चालान का

कटने का डर हर जगह होता, कहीं इंसान का प्यार में कटता है तो कहीं दोस्त पार्टी के नाम पर लंबा कट देते हैं। इससे […]