महिलाओं की लड़ाई पुरुषों से नहीं समाज से है

भारत में आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार जैसे विषयों पर महिलाओं कि स्थिति अब भी बहुत ज्यादा नहीं बदल पायी है।कुछ बदलाव जरूर देखने […]

दिल्ली वालों, पटाखा बिना दिवाली कैसे मनी?

ये तस्वीर दिल्ली के दिवाली के बाद की है। जैसे हर त्यौहार पूरे देश में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है, वैसे ही दिवाली […]

बर्थडे स्पेशल: वो रेखा जो दोबारा खींची नहीं जा सकेगी

रेखगणित में सबसे आसान सीधी रेखा होती है किंतु उस रेखा को खींचना सबसे कठिन होता जिसमें उतार चढ़ाव ज्यादा हो। भानु रेखा गणेशन भारतीय […]

क्या ठरकी पत्रकारिता के अच्छे दिन चल रहे हैं?

तथ्यपरक सवाल, वस्तुपरख पत्रकारिता, सरकार से उद्देश्यपरक सवाल अब नही पूछे जाते हैं। जनवादी पत्रकारिता अब विरले ही देखने को मिलती है। समय के साथ […]