सोशल मीडिया पर एक तबका नाम के हिसाब से दलितों का रहनुमा बनने की कोशिश करते नजर आता है। इसके लिए बाकायदा एक प्रक्रिया पूरी […]
मे आई हेल्प यू?
बस स्टॉप पर खड़े हुए काफी वक़्त हो गया था, वहां बहुत से लोग बस का इंतज़ार कर रहे थे, मै भी उन लोगों में […]
महिलाओं की लड़ाई पुरुषों से नहीं समाज से है
भारत में आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य, और रोजगार जैसे विषयों पर महिलाओं कि स्थिति अब भी बहुत ज्यादा नहीं बदल पायी है।कुछ बदलाव जरूर देखने […]
दिल्ली वालों, पटाखा बिना दिवाली कैसे मनी?
ये तस्वीर दिल्ली के दिवाली के बाद की है। जैसे हर त्यौहार पूरे देश में अलग अलग तरीके से मनाया जाता है, वैसे ही दिवाली […]
इश्क को गजल से आबाद करने वाले जगजीत सिंह
गजल गायकी का वह सितारा जिसने अपनी आवाज से करोड़ों दिल जीते। उनके द्वारा गायी गईं गजलें लोंगो के होंठो से गुड़ की तरह चिपक […]
बर्थडे स्पेशल: वो रेखा जो दोबारा खींची नहीं जा सकेगी
रेखगणित में सबसे आसान सीधी रेखा होती है किंतु उस रेखा को खींचना सबसे कठिन होता जिसमें उतार चढ़ाव ज्यादा हो। भानु रेखा गणेशन भारतीय […]
हम अपनी नाकामी फतवा के पीछे क्यों छुपा रहे हैं?
अभी इस साल में काफी दिन बाकी हैं फिर भी इस साल की भारतीय उपलब्धियों की सूची उठाकर देखें तो हमेशा की तरह सूची में […]
मैं पेट्रोल बोल रहा हूं, तुम मेरा दर्द सुनोगे?
मैं कोई और नहीं पेट्रोल बोल रहा हूं। आप मुझे रोज कोसते हैं, रोज गालियां देते हैं कि मैं महंगा हो गया। क्या आपने कभी […]
क्या है वाल ऑफ़ काइंडनेस की कहानी?
दुनिया में दीवारों की कमी नहीं है। अनगिनत दीवारें हैं। हर घर में कई दीवारें हैं जिन पर छत टिकी है और उन छतों पर […]
क्या ठरकी पत्रकारिता के अच्छे दिन चल रहे हैं?
तथ्यपरक सवाल, वस्तुपरख पत्रकारिता, सरकार से उद्देश्यपरक सवाल अब नही पूछे जाते हैं। जनवादी पत्रकारिता अब विरले ही देखने को मिलती है। समय के साथ […]