लोकतंत्र के तीन स्तंभ हैं, विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका। संविधान ने इन्हें इस तरह से गढ़ा है कि वे एक दूसरे की आलोचना कर सकते […]
Month: November 2017
..तो इस तरह CBI जज की मौत वाली स्टोरी का एंगल चेंज किया Indian Express ने
कारवां की रिपोर्ट की कई बातें गलत साबित करते हुए इंडियन एक्सप्रेस ने एक भारी गलती कर दी है. जस्टिस लोया मौत केस में जिस […]
जहाँ हक माँगना मजलूम की फरियाद लगती है
बता दे ये जमीं कैसे तुझे आजाद लगती है जहाँ हक माँगना मजलूम की फरियाद लगती है। कि जिनको है चुना हमने हमारी सरपरस्ती को […]
फ़िल्म रिव्यू: कड़वी हवा, जिसकी कड़वाहट को समय रहते महसूस किया जाना चाहिए
‘कड़वी हवा’, पर्दे पर बंजर का एक ऐसा मंज़र है, जिसके सूखे को आप अपनी आंखों से तर कर देना चाहते हैं. फ़िल्म में संजय […]
26/11: कब होगी मुंबई हमले के मास्टरमाइंड पर कार्रवाई?
26 नवंबर, दिन बुधवार, वो काली रात कोई भारतीय कैसे भूल सकता है? उस रात कुछ आतंकियों ने मायानगरी मुम्बई के कुछ प्रसिद्ध जगहों पर […]
काश! इश्क़ की बातें होतीं
काश के मेरा नाम इश्क़ होता तुम्हारा नाम भी इश्क़ होता क्या होता जब सबका नाम इश्क़ होता। हम जिस देश में रहते उस देश […]
पॉलिटिकल लव: चलो प्यार में कुछ विवाद करते हैं
तुम भी भारतीय रेल हो गए हो अरे क्या हुआ ऐसे क्यों बोल रही हो? जब देखो जब तुम्हारी हालत खस्ता ही नजर आती है. […]
क्रांति धरा मेरठ: सिर्फ तीस मार खां बसते हैं यहां!
क्रांतिधरा मेरठ ऐंवई नाम के साथ बदनामी लेकर नहीं चल रही है। एक से एक तीस मार खां बसते हैं यहाँ। ताज़ा उदाहरण सरधना के […]
जल संरक्षण समय की जरूरत
जल ही जीवन है। यह बात कई दशकों से हम कहते एवम सुनते आ रहे हैं। जल हमें प्रकृति से एक उपहार के रूप में […]