वाह रे अपनी सुब्ह-ए-बनारस, घाट के पत्थर जैसे पारस

काशी न सिर्फ शिव की नगरी अपितु गंगा की और संगीत की नगरी है। संगीत जो वहाँ गंगा के कल-कल, छल-छल की ध्वनि के साथ […]

भगोड़े बने थे भाजपाई अब हालत धोबी के कुत्ते जैसी

राजनीति में दल बदलना कोई बड़ी बात नहीं। पिछले साल से तो यह अब हर विधानसभा चुनाव में देखने को मिल जाता है। यहां वो […]

कश्मीर को जोड़ने वाली डोर अब सड़ रही है!

कश्मीर में उग्रवाद, उन्माद, कट्टरवाद, पहले से नहीं रहा है। कश्मीर में कई सूफी संस्कृतियां पैदा हुईं हैं। कश्मीर सूफी, संतो का स्थल था। वहां […]

आजादी के 70 साल बाद भी यह भूख है बड़ी!

2017 के ग्लोबल हंगर इंडेक्स का आंकड़ा इंटरनेशनल फ़ूड पालिसी एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट ने पेश कर दिया है। पिछले साल की तुलना में भारत की […]

क्या संस्कार की बजाय बलात्कार में बदल रहा है विवाह?

हमारे भारतीय समाज  में विवाह को बहुत ही पवित्र माना जाता है, कहा जाता है विवाह दो आत्माओं, दो परिवारो का मिलन होता है लेकिन […]

क्या सिर्फ दिवाली के दिन की जागरूकता हमारे पर्यावरण को बचा सकती है?

दिवाली आने में बस कुछ ही दिन बच गए हैं, दिवाली प्रेम और प्रकाश का त्योहार है। दिवाली आते ही लोगों के चेहरे की रौनक […]

आरुषि हत्याकांड: किस वाली कोर्ट पर ज्यादा भरोसा करें?

9 साल पहले एक लड़की और एक नौकर को बेरहमी से मारा गया, पहुंचे-पहुंचाए लोगों का मामला था इसलिए खूब कवर हुआ और फिल्म भी […]