देश में हर महीने 70 से ज्यादा किसान आत्महत्या कर रहे हैं और ज्यादातर में आत्महत्या की वजह किसान पर बढ़ता कर्ज होता है। किसान […]
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क्या सच में कम हुआ है बाल विवाह का चलन?
जिस उम्र में लोगों को यह न पता हो कि उनके साथ क्या हो रहा है उसी उम्र में उन्हें अगर सात फेरे लेने पड़ें […]
जाते-जाते हंसने का पैगाम देकर चली गईं श्रीदेवी
किसी शायर ने ठीक ही कहा है- ज़िंदगी क्या है फ़कत मौत का टलते रहना. वक़्त कई बार इसका एहसास भी करा देता है. […]
राजीव गांधी ने जो श्रीलंका में किया मोदी वही मालदीव में करेंगे?
मालदीव में सत्ता और न्यायालय के टकराव के बाद स्थिति गंभीर है। मालदीव का विपक्ष और कोर्ट भारत से मदद की उम्मीद लगाए बैठा है। […]
घर लौटना चाहता है 1857 की क्रांति का एक सिपाही
लंदन के एक पब लॉर्ड क्लायड के मालिकों ने साउथ ईस्ट एशिया के इतिहास पर काम करने वाले इतिहासकार किम वैगनर से संपर्क किया है। […]
वे मुद्दे जिनपर सवाल पूछते ही आप ‘देशद्रोही’ हो सकते हैं
समस्त देशवासियों को मेरा नमस्कार, आज हमने गत वर्षो की भांति गणतंत्र दिवस मनाया। कोई बदलाव नहीं हुआ, कुछ नया नहीं हुआ, विगत वर्षों में […]
गांव आज भी धर्म नहीं समझ पाते तभी जुम्मन यादव होते हैं और रघुवीर खान
मेरे गांव में जुम्मन यादव होते हैं रघुवीर खान क्योंकि मेरा गांव हिन्दू मुसलमान नहीं जानता
राहुल द्रविड़: वह खिलाड़ी जिसने किताबों में भी क्रिकेट ही पढ़ा
लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की एक भरोसेमंद बल्लेबाज़ के तौर पर सेवा करने वाले राहुल द्रविड़ को जून, 2015 में एक बेहद महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी […]
न्यूटन vs ब्रह्मगुप्त: सारे विवाद की जड़ तो ‘अवैज्ञानिक समझ’ है
आरोपों-प्रत्यारोपों का संग्राम फ़िर से चरम पर है। बीजेपी के शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी का “विवादित” बयान है कि “ग्रेविटी” की ख़ोज न्यूटन से सैकड़ों […]
बॉडीलाइन बॉल: गेंद जिसने दो देशों के संबंधों की लंका लगा दी
साल 1930 के इंग्लैंड दौरे पर गयी ऑस्ट्रेलियाई टीम के धाकड़ बल्लेबाज सर डोनाल्ड ब्रैडमैन ने अपनी धारदार बल्लेबाजी से इंग्लिश गेंदबाजों की हालत खस्ता […]