बिहार परिवहन: जाति की गाड़ी और ‘सुशासन’ का पहिया

आजादी के इतने सालों के बाद भी व्यवस्था लाख दावे करे लेकिन वह जाति व्यवस्था को कमजोर नहीं कर सकी है। अगर दूसरे शब्दों में […]

विकलांग को दिव्यांग कहने का समाज में कितना असर हुआ?

दिव्यांग शब्द सुनते ही हर किसी के मन में दया का भाव पैदा होता है। बड़ी तत्परता से लोग सहानुभूति दिखाने को आतुर हो जाते […]

मिर्जापुर रिव्यू: ड्रामा का मसाला कुटाया थोड़ा कम है गुरु

पंकज त्रिपाठी, मनोज वाजपेई और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकारों ने पिछले कुछ समय में अपनी ऐक्टिंग से यह पुख्ता किया है कि अगर फिल्म में […]

जन्मदिन: आदिवासियों के ‘धरती आबा’ उर्फ बिरसा मुंडा

“महारानी राज तुंदु जाना ओरो अबुआ राज एते जाना” यानी कि ‘(ब्रिटिश)महारानी का राज खत्म हो और हमारा राज स्थापित हो’। ये बोल यूं तो […]

नेहरू कुछ अच्छा कर गए हैं तभी उनकी आलोचना हो रही है

राहुल सांकृत्यायन. ऐसे समय में जब किसी व्यक्ति पर सबसे ज्यादा हमला हो तो यह अपने आप समझा जाना चाहिए कि वह कितना योग्य रहा […]

तलाक से UV/PV बटोरते संपादक पत्रकारिता की कब्र खोद रहे हैं

तीन नवंबर 2018 को अचानक से खबर मोबाइल की स्क्रीन पर फ्लैश हुई कि शादी के 6 महीने के भीतर ही तेजप्रताप ने अपनी पत्नी […]

एक्सक्लूसिव: सबसे ज्यादा चर्चा पा रही सोनपापड़ी का इंटरव्यू

दीवाली के वक़्त एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहता है। हर घर, हर मुहल्ले, हर गली एक ही नाम गूंजता है, जी हां, हम […]

21 साल पुराना हादसा, जिसने दिल्ली को सिग्नेचर ब्रिज दिया

हादसे किसी भी तरह से अच्छे नहीं होते लेकिन यही हादसे कई बार अच्छी चीजों की नीव पड़ने की वजह बन जाते हैं। एक ऐसा […]