चलो इंदौर चलते हैं चलो लेकिन ध्यान देना कहीं नागपुर न पहुँच जाओ अरे, चिंता मत करो हम इंडिगो से नहीं जा रहे वैसे नागपुर […]
Month: January 2018
भारत में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना इतना चुनौतीपूर्ण क्यों?
किसी भी देश के नागरिक का स्वस्थ होना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य हमारे जीवन के अनमोल पहलुओं में से एक है। जिस देश के नागरिक […]
बुक रिव्यू: किरदारों को वेश्या बताती ‘वेश्या: एक किरदार’
रिश्तों को एक-एक करके खोते जाना उस वेश्या की तरह एहसास करता है, जो लाख चाहकर भी उसी दुनिया में रहती है, जिसमें वह नारकीय […]
आखिर इतनी देर से क्यों जागा सुप्रीम कोर्ट?
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन रहे जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने बहुत पहले एक फैसला सुनाते हुए गालिब का […]
राहुल द्रविड़: वह खिलाड़ी जिसने किताबों में भी क्रिकेट ही पढ़ा
लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की एक भरोसेमंद बल्लेबाज़ के तौर पर सेवा करने वाले राहुल द्रविड़ को जून, 2015 में एक बेहद महत्वपूर्ण ज़िम्मेदारी […]
अपनी प्राइवेसी छिनने पर क्या सोचता है आधार?
आप बस अपनी प्राइवेसी की सोचते हो, क्या आपने मेरा कुछ सोचा कभी, मैं इतनी जगह लिंक होकर कैसा फील कर रहा हूँ? आपको क्या […]
‘भगवान जिस दीवार की आड़ में खड़ा होता है उसे राहुल द्रविड़ कहते हैं’
अपने शानदार क्रिकेट कॅरियर में राहुल द्रविड़ ने जिस समर्पण के साथ, तेंदुलकर, गांगुली और लक्ष्मण के साथ मिलकर टीम की बैटिंग लाइनअप तैयार की वो किसी भी अन्तराष्ट्रीय क्रिकेट टीम के लिए मिसाल बन गया.
न्यूटन vs ब्रह्मगुप्त: सारे विवाद की जड़ तो ‘अवैज्ञानिक समझ’ है
आरोपों-प्रत्यारोपों का संग्राम फ़िर से चरम पर है। बीजेपी के शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी का “विवादित” बयान है कि “ग्रेविटी” की ख़ोज न्यूटन से सैकड़ों […]
उस ‘शून्य’ की कहानी, जिसे ‘डक’ कहा जाता है!
बिना एक भी गेंद खेले शून्य पे आउट होने वाले बल्लेबाज़ के लिए डायमंड डक का उपयोग किया जाता है
पॉलिटिकल लव: प्यार का डेटा 500 रुपये में लीक ना कर देना
तुम बहुत चिलाती हो। तो क्या करू तुम्हारी हरकते ही ऐसी है। लगता है तुम्हारे स्पीकर पर भी बैन लगना पड़ेगा अरे जाओ मैं यूपी […]