तुम लव लेटर रोटोमैक से लिखते हो क्या क्यों क्या हो गया जी हुआ कुछ नहीं बस तुम्हारे लेटर में…
क्या अराजकता को बीजेपी से जोड़ना ट्रेंड बन गया है?
लगता है बीएचयू और शांति दो विपरीत ध्रुव हो गए हैं,जो अब कभी एक साथ नहीं हो सकते है। बीएचयू…
पॉलिटिकल लव: वैलेंटाइन, नागपुर और वॉरियर का कॉकटेल
चलो न वेलेंटाइन डे आ रहा है कहीं घूमने चलें, हां, चलो वहाँ चलते हैं जहाँ नफरत हो, क्यों वहाँ…
राजीव गांधी ने जो श्रीलंका में किया मोदी वही मालदीव में करेंगे?
मालदीव में सत्ता और न्यायालय के टकराव के बाद स्थिति गंभीर है। मालदीव का विपक्ष और कोर्ट भारत से मदद…
घर लौटना चाहता है 1857 की क्रांति का एक सिपाही
लंदन के एक पब लॉर्ड क्लायड के मालिकों ने साउथ ईस्ट एशिया के इतिहास पर काम करने वाले इतिहासकार किम…
पॉलिटिकल लव: प्यार के बजट की समीक्षा
इस बार कहाँ जा रहे हो कासगंज जाने की सोच रहा हूँ क्यों तुमको भी अपनी रोटियां सेंकनी है वहाँ…
चस्का नीली बत्ती का और काम पप्पू पंचर वाले
बेटवा! जेतना मन हो उतनी मटरगश्ती करना लेकिन माथे पर तुमको नीली बत्ती ठोकवा कर ही वापस आना है। ये…
वे मुद्दे जिनपर सवाल पूछते ही आप ‘देशद्रोही’ हो सकते हैं
समस्त देशवासियों को मेरा नमस्कार, आज हमने गत वर्षो की भांति गणतंत्र दिवस मनाया। कोई बदलाव नहीं हुआ, कुछ नया…
पद्मावत विवाद: इस पर गर्व करें या शर्म?
मै फ़िल्म पद्मावत से जुड़ी हर खबर, हर बात पिछले कुछ महीनों से सुन और पढ़ रहा हूँ। कुछ खबरें…
पॉलिटिकल लव: चलो प्यार का बजट बनाते हैं!
प्यार के बजट का क्या सोचा तुमने, सोच लिया है बस प्यार का विकास ही विकास होगा