फ़िल्म समीक्षा- एक “शेफ” निर्माता- भूषण कुमार निर्देशक- राजा कृष्ण मेनन मुख्य कलाकार- सैफ अली खान, पद्मप्रिया, स्वर कांबले, मिलिंद सोमण। रेटिंग- 3.5/5 हर कोई […]
ये इश्क़ तो नहीं है
इश्क़ का कॉन्ट्रैक्ट करोगे? सुनो! कहो! प्यार हुआ है कभी तुम्हें? हां! कई बार। और जिनसे तुमने प्यार किया, क्या उन्हें भी तुमसे प्यार था? […]
जुड़वा-2 ने दिया बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस को ऑक्सीजन
ये साल बॉलीवुड बॉक्स ऑफिस के लिए कुछ खास नही रहा, पिछले कुछ दिनों से छोटे बजट की फिल्में अच्छा कंटेंट होने की वजह से […]
पॉलिटिकल लव- दिल से चाहो तो सब कुछ मिलता है
समझ नहीं आ रहा अपने प्यार की कितनी कीमत चुकानी पड़ेगी? उतनी ही जितनी देश विकास की चुका रहा है. हा हा हा। लगता है […]
गांधी को पूजना आसान है, उनके रास्ते पर चलना बेहद मुश्किल
भारत का एक वर्ग बिना परिस्थितियों की जटिलता और सच्चाई को समझे महात्मा गांधी को ही भारत-पाकिस्तान विभाजन का कारण मानता है और मानता रहेगा। […]
बिना गंदगी में उतरे गंदगी साफ नहीं की जा सकती
एक इंसान किसी गन्दगी के ढेर को साफ़ करने का संकल्प ले कर जाता है और गन्दगी के ढेर की सफाई करते-करते अचानक उसी ढेर […]
महात्मा गांधी का जीवन-दर्शन है हिंद स्वराज
हिन्द स्वराज को गाँधी के विचारों का ब्लू प्रिंट माना जाता है |अगर आप गाँधी के विचारों और सिद्धांतों से परिचित होना चाहते है तो […]
त्योहार नहीं मातम का दिन है मुहर्रम
इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुहर्रम मनाया जाता है। यह कोई त्योहार नहीं बल्कि मातम का दिन है. आज भी उनके अनुयायी […]
रामायण की कहानी कलियुग की ज़ुबानी
आज अगर रावण होता तो सबसे बड़ा टैक्स पेयर होता। भाई उसके पास सोने की लंका थी, वो सबकी लंका लगा देता। रावण को उसका […]
विरोध करने की आजादी
सच कहने की आजादी से महरूम हैं हम विरोध करने की आजादी में मशरूफ हैं हम इंसान की कौम का कुछ भी पता नहीं धर्मों […]