एबी सी डी पढ़ो न पढों ,अच्छी बात करो न करो ख़बरदार जो की कोई गंदी बात, गंदी गंदी गंदी बात……

भारत में किसी लड़की का शारीरिक उत्पीड़न हुआ हो या ना हुआ हो. मानसिक उत्पीड़न तो जरुर होता है| भले ही वाहियात गाना सुना कर […]

कविता का सबसे संक्षिप्त रूप-विन्यास है हाइकू

कविताओं के लिए ‘गागर में सागर’ की कहावत तो बहुत पुरानी है। बात चाहे कबीर के दो लाइन और चार चरण वाले दोहों की हो या फिर […]

H1B की रपट से हिला आईटी कम्पनियों का बजट

जैसे जैसे अमेरीका के नये नवेले राष्ट्रपति अपना चुनावी वादा पूरा करते जा रहें हैं वैसे वैसे दुनिया भर के लोगों का जीना दुश्वार होता […]

भारतेंदु हरिश्चंद्रः आधुनिक हिंदी के पितामह

परिवर्तन गुजरते समय के अगले पदचिह्न के पर्याय भी होते हैं और एक लंबी यात्रा का एक पड़ाव भी। पड़ाव वह जहां से यात्रा नए […]

हाथ गर्दनें मरोड़ने के लिए भी होते हैं: पाश

अवतार सिंह संधू ‘पाश’, जन्मजात विद्रोही। विद्रोह जिनका स्वभाव था, जो उनकी लेखनी में हर जगह दिखा। विद्रोही तेवर और बदलाव की छटपटाहट ने उन्हें […]

मजबूरी में इन्हें घर कहना पड़ता है, मगर हैं ये ‘इंसानी पिंजरे’ ही

इंसानों की तेज़ी से बढ़ती आबादी का असर दुनिया के तमाम हिस्सों में दिखने लगा है. आए दिन जनसंख्या विस्फ़ोट के ख़तरों पर तमाम चर्चाएं […]